- आदिवासी कभी भी किसि का गुलाम नही रहा है, मित्रो ।
- आजादी या ( बंधारण) के पहले से ही हमने अंग्रेजों से लोहे लिये थे,लडाइया लडी थी,हमारे कितने लोग शहीद हो गए जैसे कि बिरसा मुंडा,टाट्या मामा,मानगढ के १५०७ भिल शहीद और कइ सारे.
- इसीलिये अंग्रेज कभी भी हमे हरा नही पाए थे । जबकि आप सब का मेरिट कम ०% होने के कारण आप अंग्रेजो के सामने टिक ही नही पाये थे.
- आप तो हार गये थे और गुलाम बन गये थे. अरे आरक्षण विरोधी अंधो - हमने यहाँ ,उसी वक्त उन अंग्रेजो से हमारा १०० % मेरिट साबित कर दिया था.जिसके परिणाम स्वरूप हुए समझौतो के कारण अंग्रेजो से हमने आझादी से पहले ही विशेषाधिकार प्राप्त कर लिए थे ।
- जिनको बोलते है " RIGHT OF SELF GOVERNANCE " & "RIGHT OF OWNERSHIP" , NOT RESERVATION. ये तो आप सब ने मिलकर हमारे "सेल्फ गवर्नेंस" और " मालिकाना हक्क" को छिनकर हमे आरक्षण का टुकडा थमा दिया वरना हमे तो आज भी आप के साथ नही रहना है. क्योकि हम ८% आदिवासी ही इस देश के मुल मालिक है
- अगर आप को विश्वास नही होता है तो -हे, ९०% मेरिटवाले मुर्खो, सुप्रीम कोर्ट के जस्टीस काट्जु साहेब की टयुशनरखवालो, ताकि ४० % वालो के पैरो मे कही नाक न रगडनी पड जाए आप बुद्धिशालियोंको आनेवाले समय में-क्योकि आपके डी.एन.ए.की रिपोर्ट भी निकल चुकी है जो इस देश के मूल लोंगो (आदिवासियो) से नही पर कोइ और देश के लोंगो से मेल खाती है.जिस से आप का मुल वतन का पता चलता है ,और ये बात तो इतिहास में कुटकुटकर लिखी ही गइ है, कि आर्य लोग खैबरघाट के रस्ते से हो कर इस देश में (बाहर से) आये थे इसी लिये आप अगर सही में मेरिटोरियश हो तो शांति से बैठे रहो नही तो जैसे आये थे वैसे जाने कि भी नोबत आ सकती है.इससे ज्यादा आप ९०% वाले बुधिशालीयो को हम ४०% वाले भला क्या सलाह दे सकते है ???
शनिवार, 29 अगस्त 2015
Who is Adivasi?
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